ज्ञानपुर (भदोही)। महाराष्ट्र के पूर्व एमएलसी घनश्याम दुबे की बेटी और दामाद को राहत नहीं मिली है।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम सुबोध सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है।
सुरियांवा के निदिउरा निवासी भोलानाथ शुक्ल ने जनवरी 2023 में सुरियांवा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पट्टी जोरावर सिंह गांव में उन्होंने जमीन का बैनामा कराया था। इस पर वह काबिज हैं।
फर्जी पावर ऑफ अटार्नी को आधार बनाकर जमीन की पूर्व मालकिन राजकुमारी देवी पत्नी उमाकांत पाठक निवासी उधोपुर के फर्जी मुख्तारनामा के माध्यम से पूर्व एमएलसी घनश्याम दुबे निवासी कुसौड़ा ने यह जमीन खरीद ली। इस काम में ड्राइवर हरी प्रसाद निवासी चांदपुर और तत्कालीन सब रजिस्ट्रार की भी मिलीभगत थी।
मामले की विवेचना कर रही औराई पुलिस ने पूर्व एमएलसी के दामाद कल्याण और उनकी बेटी कंचन देवी निवासी भरुहना, मिर्जापुर का नाम शामिल करते हुए रिपोर्ट कोर्ट भेजी थी। कल्याण और उनकी पत्नी कंचन देवी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया। इसमें कहा कि इस मामले में अन्य आरोपियों को जमानत पहले ही मिल चुकी है। विपक्षी ने साजिशन मुकदमा दर्ज कराया है। इसलिए उनको भी जमानत दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।