साल 2022 में भदोही रेंज के उमरी गांव में रोपे गए पौधे अब हो गए बड़े। संवाद
ज्ञानपुर। कालीन नगरी के लिए सुखद खबर है। जिले में भले ही वन क्षेत्र शून्य है, लेकिन वनावरण क्षेत्र में वृद्धि हो रही है। यह हम नहीं बल्कि वन विभाग के आंकड़े बता रहे हैं। चार साल पहले तक वनावरण जहां 3.12 स्क्वायर था। वहीं, 2023 तक यहां वनावरण क्षेत्र 5.22 स्क्वायर किमी तक हो गया है। बीते पांच सालों में यहां करीब 50 लाख से अधिक पौधे रोपे गए हैं। इसमें से करीब 15 लाख पौधे वन विभाग की ओर से रोपे गए हैं।
पर्यावरण को हरा भरा बनाने के लिए जिले में हर साल 10 से 12 लाख पौधे रोपे जाते हैं। इसका परिणाम है कि साल 2019 के बाद से नियमित वनावरण क्षेत्र का दायरा में वृद्धि देखी जा रही है। नदी, तालाब, खेत के मेड़ पर हरियाली नजर आने लगी है। साल 2023 में 3.71 से बढ़कर 5.22 स्क्वायर किलोमीटर वनावरण क्षेत्र है। तालाब, नदी, गांव के जीएस, बंजर जमीन, खेत के मेड़ पर पौधरोपण किया जाता है।
वन विभाग के नाम जंगल की जमीन नहीं है। रोपण के दौरान विभागीय अधिकारियों को चुनौती से होकर गुजरना पड़ता है। रोपण के लिए जमीन चिह्नित करना ही चुनौती है।
जिले में ऐसी तमाम जमीन है, जो डंप पड़ी है, इसकी उपयोगिता शून्य है। यदि वन विभाग के नाम जमीन आवंटित हो जाए। तो हरियाली के ग्राफ में और वृद्धि हो सकती है। भदोही रेंज के उमरी और ज्ञानपुर के दशरथपुर गांव में हरियाली नहीं दिखती थी। साल 2021 में विभाग यहां वीआईपी प्लांट टेंशन कराया था। जोरई नहर पर अभियान के दौरान पौधरोपण कराया गया।