अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते रसोइयां संघ के लोग।
मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जिला मुख्यालय पर धरना दिया। धरने में उन्होंने रसोइयों को मिल रही एक हजार रुपये मानदेय को नाकाफी बताया। बंधुआ मजदूरी को बढ़ावा मिल रहा है। वर्तमान में एक हजार रुपये में गुजारा संभव नहीं है, रसोइयों प्रशासन को मांगो का ज्ञापन भी सौंपा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि वर्तमान में रसोइयों की दशा दयनीय है। प्रधान से लेकर शिक्षा विभाग तक उनका आर्थिक, मानसिक शोषण कर रहा है। विरोध करने पर रसोइयों को निकालने की धमकी दी जाती है। रसोइयों के उत्पीड़न को लेकर संगठन सख्त है। ऐसी कार्रवाई के खिलाफ पूरा संगठन विरोध में उठ खड़ा होगा। उन्होंने प्रधानों और शिक्षा विभाग के लोगों को भी चेतावनी दी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि दस से पंद्रह साल रसोइयों की नियुक्ति हो गई है, लेकिन एक हजार से एक रुपया अधिक नहीं हुआ। धरने में कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा ने पहुंच कर रसोइयों का उत्साह बढ़ाया। कहा कि कांग्रेस ने गरीब बच्चों को पढ़ने और भोजन उपलब्ध कराने को एमडीएम योजना शुरू की गई। इसके लिए रसोइयों की नियुक्ति हुई, लेकिन दूसरी सरकारों ने इनकी सुध नहीं ली। कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके आंदोलन, लड़ाई और संघर्ष में साथ है। महिला से वे खुद महिलाओं की समस्या से वाकिफ हैं। प्रदेश अध्यक्ष संतोष मिश्र, राजेंद्र कुमार, सुनील कुमार, जिलाध्यक्ष कन्हैया कुमार, संयोजक श्रवण कुमार ने संबोधित किया। इस मौके पर लालती देवी, मनीषा देवी, शांति देवी, कलुई देवी, रेखा देवी, फूलदेई देवी, गीता देवी आदि रहे।