राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य के रिक्त पदों पर पदोन्नति समेत चार सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार राजकीय शिक्षक संघ की जिला इकाई ने मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। मांगों को शीघ्र न पूरा करने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी भी दी।
वक्ताओं ने कहा कि 90 फीसदी विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद खाली हैं। प्रभारी के तौर पर प्रधानाचार्य वित्तीय फैसले नहीं लेते, इसलिए शैक्षिक गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
पदोन्नति से सरकार पर वित्तीय दबाव भी नहीं पड़ेगा। राजकीय शिक्षकों को दस, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर उच्च वेतनमान देने की व्यवस्था है, लेकिन प्रदेश के राजकीय शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है। इसलिए उसको दिया जाए। वहीं राजकीय इंटर कालेजों में प्रवक्ता पद पर कार्यरत शिक्षकों को राजपत्रित घोषित करने की मांग की। क्योंकि चुनाव में उनसे सेक्टर, स्टेटिक्स मजिस्ट्रेट और परीक्षाओं में पर्यवेक्षक की भी जिम्मेदारी दी जाती है। इसके अलावा राजकीय शिक्षकों के समस्त मामलों को ऑनलाइन किया जाए, जिससे विद्यालय स्तर से लेकर निदेशालय स्तर तक कार्य में पारदर्शिता झलके।
इस मौके पर डॉ. हरिश्चंद यादव, राम प्रताप सिंह, विपिन यादव, राम गोपाल, सत्य नारायण, रमेश कुमार, रामकुमार, राजेंद्र प्रसाद, बिंद्रा प्रसाद, मनीष यादव, प्रेमचंद यादव, अबुल कलाम, सरिता, पुष्पांजलि, ज्योति, मंजू शुक्ला, अमलावती, मीना, आदित्य, विजय बहादुर आदि रहे।