ग्राहकों के भीड़ के चलते केनरा बैंक के काउंटर का टूटा शीशा। अमर उजाला
नोटबंदी के सातवें दिन भी जिले में कैश को लेकर स्थिति नहीं सुधरी। एक दिन की बंदी के बाद मंगलवार को बैंकों पर शोरगुल, खींचतान और धक्कामुक्की दिखी। पांच सौ और एक हजार का नोट बदलने के लिए सभी कामकाज छोड़कर लोग बैंको पर पहुंच रहे हैं। पटेल नगर स्थित केनरा बैंक पर धक्कामुक्की के चलते काउंटर का शीशा टूट गया। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह लोगों को लाइन में खड़ा कराया। कई बैंको का सर्वर खराब होने से लोगों को खाली हाथ ही बैंको से लौटना पड़ा।
पांच सौ और एक हजार की नोट बंद होने के बाद बैंको का बोझ कम होता नहीं दिख रहा है। एक दिन के अवकाश के बाद सातवें दिन मंगलवार बैंक खुलने से पहले ही भारतीय स्टेट बैंक, यूबीआई, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा, पंजाब नेशनल बैंक, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक पर लोग पहुंच गए। सुबह आठ बजे से बैंको पर लोग पहुंचने लगे। बैंक खुलने से पहले 100 से 150 लोगों की अच्छी खासी लाइन बैंक पर लग गई। बैंक खुलने के बाद कर्मचारी बारी-बारी से लोगों का नोट बदला और पुरानी नोट जमा किया। पटेल नगर सिथत केनरा बैंक में कुछ युवक आपस में भिड़ गए। जिससे धक्कामुक्की होने से काउंटर का शीशा टूट गया। बैंक कर्मियों के फोन करने पर कोतवाली से पुलिस पहुंची और लोगों को कतार में खड़ा कराया। पुरानी नोट जमा करने और नकदी निकालने के लिए लोगों को बैंको पर काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। मोढ़ संवाददाता के अनुसार, नोटबंदी के मोढ़ बाजार स्थित यूबीआई पर लोगों की लंबी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से लेकर शाम तक लोग लाइन लगाकर नोट बदलते रहे। चौरी बाजार स्थित बैंक पर कतार में आगे-पीछे होने पर दो युवकों में हाथापाई हो गई।