ज्ञानपुर। बारिश में जल प्लावन से प्रभावित होने वाले जिले के 116 गांवों में बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में है। सतर्कता के मद्देनजर गंगा-वरुणा और मोरवा के किनारे 21 बाढ़ चौकियां स्थापित की गईं हैं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, आपूर्ति, कृषि, पशुपालन समेत अन्य सरकारी विभागों को हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया है।
हर साल बारिश का सीजन शुरू होने से पूर्व प्रशासन बाढ़ नियंत्रण की तैयारी में जुट जाता है। जून में बारिश के बाद गंगा समेत अन्य छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ने लगता है। हालांकि इस साल अब तक जलस्तर सामान्य है। एहतियातन प्रशासन ने ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, डीघ और औराई ब्लॉकों के 193 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा किया है। सुरक्षा की दृष्टि से 21 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा सौ से अधिक छोटी और बड़ी नावों की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि माह भर पूर्व बाढ़ नियंत्रण तैयारी की समीक्षा की गई थी। पशुपालन, स्वास्थ्य, कृषि और आपूर्ति विभाग को तैयार रहने के लिए निर्देश दिया गया था। प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बाढ़ या जल प्लावन की दशा में गंगा, मोरवा और वरुणा से सटे गांवों में 38 हजार 448 लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि तीनों तहसील और कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। अभी गंगा का जलस्तर काफी कम है।
यहां स्थापित हैं बाढ़ चौकियां
ज्ञानपुर। विकास खंड औराई में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर, डीघ ब्लॉक में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर, सुरियावां में करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी और ज्ञानपुर विकास खंड में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर और भगवानपुर आदि गांवों में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है।