बिहार के पश्चिमी चंपारन जिले के पोखरिया निवासी जुल्फेकार अंसारी, मेराज अली, सद्दाम अली, एजाज अली और फूल मोहम्मद महाराष्ट्र के नागपुर कमाने गए थे।
वे लोग वहां एक कंपनी में इलेक्ट्रिक का काम देखते थे। तकरीबन तीन माह पूर्व उन्हें बुखार आना शुरू हुआ। इसके बाद भी उपचार जारी रहा, लेकिन तबीयत ठीक नहीं हुई। इसके बाद घर वालों ने उन्हें वापस बुला लिया।
बुधवार को वे दादर एक्सप्रेस से घर जा रहे थे। उन्हें वाराणसी उतरना था। इसी बीच ट्रेन में ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जुल्फेकार की हालत ज्यादा खराब हो गई। बताते हैं कि उसके मुंह से रक्तस्राव होने लगा।
यह देखकर बोगी के यात्री और घर के अन्य सदस्य घबरा गए। फौरी तौर पर इसकी जानकारी रेलवे पुलिस को दी गई। इस पर हरकत में आई पुलिस ने मोढ़ रेलवे स्टेशन पर पांचों को उतार दिया और जीआरपी से उन्हें अस्पताल भिजवाने को कहा।
इसके बाद मोढ़ निवासी सत्यम पांडेय ने 108 एंबुलेंस पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई और बीमार यात्रियों को भदोही नगर के महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय भेजा गया। साथ में यात्रा कर रहे उनके संबंधियों ने बताया कि नागपुर में पांचों का डेंगू का इलाज चल रहा था। बुखार ठीक न होने के कारण सभी लोग घर जा रहे थे।
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