वैज्ञानिकों ने आम, अमरूद, आंवला, पपीता समेत फलों, फूलों आदि की खेती करने के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पौधरोपण से लेकर सिंचाई करने की विधि के अलावा दवाओं के छिड़काव आदि के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में विभाग की ओर से चयनित कुल 25 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों को वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार, डॉ. आरपी चौधरी, डॉ. राजेश पांडेय प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इसके पूर्व प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला उद्यान अधिकारी डॉ. एसएमपी पटेल ने किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि किसानों को दो माह पूर्व बारिश के दौरान ही फलदार पौधों का वितरण किया गया है।
इन किसानों को वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण दिलाकर मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। जिससे गांव-गिरांव के जो किसान प्रशिक्षण न ले सके हैं, उन्हें भी बागवानी की जानकारी देकर प्रेरित कर सकें और वह भी बागवानी करके अपनी आय को बढ़ा सकें।