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पांच करोड़ से गंगा कटान से मिलेगी मुक्ति-संशोधित खबर

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सीतामढ़ी (भदोही)। पांच दशक से गंगा कटान की विभीषिका झेल रहे कोनिया के छेछुआ, भुर्रा सहित इटहरा और मवैयाथान सिंह गांवों के किसानों की बर्बादी और दर्द की पुकार आखिरकार योगी सरकार तक पहुंच गई। गंगा कटान की विभीषिका झेल रहे गांवों को राहत देने के लिए पांच करोड़ की लागत से जीओ टेक्सटाईल ट्यूब लगाकर कटान रोका जाएगा।
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दरअसल प्रदेश की योगी सरकार जिले में गंगा कटान को रोकने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये खर्च करेगी। जिला प्रशासन की ओर से कटान से मुक्ति के लिए काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत जिले में गंगा के किनारे स्थित कटान वाले क्षेत्रों में ढाई किलोमीटर के दायरे में आधुनिक तकनीकी आधारित जीओ टेक्सटाइल ट्यूब कटर लगाकर कटान रोका जाएगा। इस कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था बंधी निर्माण प्रखंड को सौंपी गई है।
जिले में तीन ओर से गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र में पिछले पांच दशक से भी अधिक समय से गंगा कटान प्रमुख समस्या बन चुकी है। इस वजह से चार गांवों के करीब 100 से अधिक किसानों की लगभग तीन हजार बीघा उपजाऊ कृषि भूमि गंगा की धारा में विलीन हो चुकी है। गंगा कटान से हरिहरपुर गांव का अस्तित्व ही समाप्त चुका है। जिन जमीनों पर किसान खेती करते थे उन जमीनों पर अब गंगा की धारा प्रवाहित हो रही है।
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छेछुआ गांव के पूर्व प्रधान नरेंद्र बहादुर सिंह, रामजी सिंह का कहना है कि छेछुआ के किसान बर्बाद हो गए है। निवर्तमान प्रधान जगदीश सिंह कहते हैं कि छेछुआ और भुर्रा गांव के किसानों की लगभग दो हजार बीघे जमीन गंगा में समा चुकी है। कलिक मवैया गांव निवासी युवा नेता विवेक तिवारी ने बताया कि उन्होंने गंगा कटान की समस्या और कटान रोकने के लिए मुख्यमंत्री से लिखित आग्रह किया था। योगी सरकार ने किसानों के हितों के लिए सराहनीय कार्य किया है।
बंधी प्रखंड के जेई. आबिद अली ने बताया कि भुर्रा से लेकर छेछुआ तक ढाई किलोमीटर के गंगा कटान क्षेत्र में जीओ टेक्सटाइल ट्यूब कटर के माध्यम से गंगा कटान को रोका जाएगा। गंगा की धारा का मोड़ा जाएगा। जिससे कटान से राहत मिलेगी। बताया कि कार्य तेजी से शुरू हो गया है।
एडीएम शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि डीघ के चार से पांच गांव में गंगा कटान की जटिल समस्या बन गई है। शासन की ओर से कटान रोकने के लिए काम का निर्देश दिया है। बंदी प्रखंड को काम सौंपा गया है। इस पर पांच करोड़ तक खर्च होगा।
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