मछुआरों को मिलेगा दुघर्टना बीमा का लाभ
अब तक 80 मत्स्य पालकों ने कराया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। मत्स्य पालन का व्यवसाय करने वाले मछुआरों को सरकार अब दुर्घटना बीमा का लाभ देगी। पांच लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ हर मत्स्य पालक को मिलेगा। दुर्घटना बीमा के लिए कोई प्रीमियम भी नहीं देना पड़ेगा।
जिले में कुल 1300 मछुआरों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। इसके लिए अब तक 80 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। इसके लिए विभाग की तरफ से शिविर लगाकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। सरकार की ओर से मत्स्य पालन में किसी तरह की अनहोनी होने पर पालकों के परिजनों को जीवन यापन के लिए दुर्घटना बीमा देने की योजना है। इसके लिए मछुआरों को मत्स्य पालन विभाग में पंजीकरण कराना जरूरी है। दुर्घटना बीमा के लिए एक रुपये भी प्रीमियम नहीं देना होगा। योजना के तहत आने वाले मछुआरों की यदि कार्य के दौरान दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के दौरान कोई अनहोनी हो जाती है। तो ऐसे लोगों के परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक के बीमा का लाभ दिया जाएगा। दुर्घटना बीमा का लाभ सिर्फ मछुआरों ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों को मिलेगा जो विभाग में पंजीकरण कराते हुए मछली पालन कर रहे हैं। कोई भी मछली पालक मछली पकड़ने के लिए नाव चला रहा है और उस दौरान किसी परिस्थिति में नाव पानी में डूबती है या मछुआरों की मृत्यु की स्थिति में दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिलेगा। जिला मत्स्य अधिकारी ओएन भारती का कहना है कि मछुआरों के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत मछुआरों का पांच लाख रूपए तक का बीमा किया जाएगा। योजना के लाभ के लिए मछुआरों का पंजीकरण शुरू हो गया है। अब तक 80 लोगों का पंजीकरण कर लिया गया है। लाभ लेने के लिए जल्द से जल्द मछली पालक पंजीकरण कराएं ।