भदोही नगर के एक कालीन प्रतिष्ठान में काम करते मजदूर। स्रोत- संवाद
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भदोही। ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण सबसे ज्यादा यदि कोई उद्योग प्रभावित है तो वह कालीन उद्योग है। उससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ थोपकर निर्यातकों की परेशानी बढ़ाई थी। ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण अप्रैल महीने में नई दिल्ली में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो को रद कर दिया गया था। ऐसे हालातों के बीच भारतीय कालीन उत्पादक अब घरेलू बाजार तलाशने में जुटे हैं।
निर्यातकों ने 30 जून से मुंबई के बाम्बे एक्सबिशन सेंटर में होने वाले एचजीएच (होम डेकोर गिफ्ट्स हाउस वेयर) इंडिया में सहभागिता पर भी जोर दिया है। इस इवेंट में होम टेक्सटाइल्स, डेकोर, फर्नीचर और हाउसवेयर सेक्टर के विदेशी खरीदारों के साथ-साथ डोमेस्टिक थोक और खुदरा विक्रेताओं की जुटान होती है। इससे भारत में चल रहे नए ट्रेंड्स की जानकारी तो मिलती ही है लोगों को नए व्यवसाय के मौके मिलते हैं।
यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में एचजीएच इंडिया में कालीन निर्यातकों की संख्या तेजी से बढ़ी है।