भदोही। बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश 26 जनवरी से लागू हो गया। सोमवार को पहले ही दिन विभिन्न पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल लेने को लेकर पंप संचालकों को व्यवस्था संभालने में खासी मेहनत करनी पड़ी। हर 10 बाइक सवार में छह बिना हेलमेट के ईंधन लेने पेट्रोल पंप पर पहुंचे। विवाद ज्यादा न बढ़े इसके लिए पंप संचालकों ने पूर्ति विभाग से सुरक्षाकर्मियों के तैनाती की मांग कर दी।
भदोही नगर के करीब आठ पेट्रोल पंपो पर अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। रजपुरा चौराहा रोड, वाराणसी मार्ग, ज्ञानपुर मार्ग समेत अन्य पंपो पर 10 बाईक सवारों में छह-सात की संख्या में लोग बिना हेलमेट के पहुंच रहे थे। कई पंप संचालकों ने कहा कि यदि इस नियम को लागू करवाना है तो पंपों पर पुलिस बैठाना पड़ेगा। अकेले भदोही में तीन दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप हैं। बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के शासन के फरमान ने पंप संचालकों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। पंप संचालकों ने अपने पंप पर नो हेलमेट-नो पेट्रोल का बैनर भी टांग रखा है। सिविल लाईंस स्थित पेट्रोल पंप संचालक इसरार अहमद ने कहा कि शासन ने तो आदेश में कहा है कि केवल चालक ही नहीं सहयात्री के सर पे हेलमेट होना अनिवार्य है। लेकिन यहां तो चालक भी बिना हेल्मेट के पेट्रोल लेने के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के कारपेट सिटी स्थित भारत ऑटो फ्यूल के संचालक आनंद मौर्य ने बताया कि लोग मारपीट पर अमादा हो जा रहे हैं। बहुत से लोगों को जिलाधिकारी के आदेश के बारे में जानकारी तक नहीं है। यदि इस आदेश को लागू कराना है तो जिला पूर्ति विभाग पंप पर पुलिस तैनात करे और नोट हेल्मेट - नो पेट्रोल का आदेश का वृहद पैमाने पर प्रचार प्रसार कराए तब जाकर यह आदेश सफल हो सकता है। जिले में कुल 98 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इसमें गोपीगंज के एक, भदोही के दो और औराई के एक पेट्रोल पंप पर ही सख्ती दिखी अन्य पर बहस के बाद लोगों को पेट्रोल दे दिया गया।
कोट
आदेश को प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाया जाएगा।
सुनील कुमार,जिला पूर्ति अधिकारी