नाराज शिक्षकों ने चेतावनी दी कि विभागीय अधिकारी दबाव डालकर मूल्यांकन कराने का प्रयास करेंगे तो परिणाम गंभीर होंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओम प्रकाश गुप्त ने शुक्रवार को दिन में 10 बजे समझा-बुझाकर कुछ परीक्षकों से मूल्यांकन कार्य शुरू कराया।
मूल्यांकन की खबर जैसे ही आंदोलन कर रहे शिक्षकों को लगी वह कोठार और मूल्यांकन कक्षों में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। शिक्षकों को उग्र होते देख मूल्यांकन कार्य रोक दिया गया।
संगठन के जगदीश नारायण दूबे ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को जब तक पूर्ण नहीं किया जाएगा आंदोलन चलता रहेगा। मूल्यांकन का कार्य अब मुख्यमंत्री पर टिका हुआ है।
सरकार अगर उनकी मांगों के लिए लिखित आश्वासन देगी तो मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। धरने में राम आसरे यादव, हंसराज तिवारी, वीरेंद्र प्रताप सिंह, बसंतलाल यादव, ह्दय नारायण पांडेय, सुदर्शन राम, समर बहादुर शर्मा, रामशेखर, कृष्ण किंकर, लल्लन पांडेय, रामसमुज पांडेय, बाल कुमार, चंद्रकला, कंचन, अनिता सिंह, नीलम, अर्चना सिंह, विनीता दीक्षित, मालती शुक्ला, सुनीता श्रीवास्तव आदि रहे।