ज्ञानपुर/जंगीगंज(भदोही)। कोरोना वायरस के असर से धार्मिक स्थलों पर बंदी होने लगी है। शनिवार को काशी और प्रयाग के मध्य स्थित अति महत्वपूर्ण स्वयंभू सेमराधनाथ धाम और बड़े शिव मंदिर दर्शन-पूजन के लिए बंद कर दिया गया। मंदिर प्रबंधन समिति ने कहा कि अब केवल आरती-शृंगार के लिए ही मंदिर खुलेगा। श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर 31 मार्च तक पूरी तरह बंद रहेगा।
कोरोना वायरस के बढ़ते दायरे को देखते हुए सूबे के जाने-माने मंदिर पूर्व में ही बंद हो गए हैं। शासन की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद सीतासमाहित स्थल सीतामढ़ी को 19 मार्च को ही बंद कर दिया गया। शनिवार को सेमराध में स्थित सेमराध नाथ धाम को भी बंद कर दिया गया। 31 मार्च तक कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए दर्शन समिति के पुजारी की ओर से निर्णय लिया गया। ग्राम प्रधान रामबली सिंह ने बताया कि मंदिर भगवान शिव का कपाट केवल भगवान के नित्य पूजन, अभिषेक, शृंगार के बाद कपाट बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यथावत सुखमय जीवन व्यतीत करने के लिए भगवान की कृपा बनी रहेगी। कोरोना वायरस को देखते हुए घरों के बाहर ना निकले। इस मौके पर पंचम सिंह, सूर्यकांत पांडेय, विनोद गिरी, कल्लन सिंह, रामराज गिरी, सचिन गिरी आदि रहे। वहीं दूसरी ओर गोपीगंज स्थित बाबा बड़े शिव मंदिर में भी दर्शन पूजन पर रोक लगा दी गई है। 31 मार्च तक सिर्फ आरती और शृंगार के लिए मंदिर खुलेगा। उस समय सिर्फ पुजारी ही प्रवेश कर सकेंगे। शिव परिवार के दीपक मोदनवाल ने कहा कि सोमवार को होने वाली आरती पहले ही निरस्त कर दी गई थी, लेकिन अब 31 मार्च तक मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया गया।