कुशौली गांव में तेरहवीं का पैसा रोटी बैंक को दान करने वाला परिवार।
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ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण काल में मृत्युभोज की परंपरा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। भले ही संक्रमण के खतरे से बचने के लिए तेरहवीं और भोज के कार्यक्रम न किए जा रहे हों, लेकिन उस धनराशि को गरीबों और जरूरतमंदों के दो वक्त के भोजन के लिए दान कर कई परिवारों ने समाज के लिए नजीर पेश की है।
ताजा मामला नथईपुर क्षेत्र के कुसौली गांव का है, जहां शर्मा परिवार ने पिता के निधन के बाद तेरहवीं पर ब्रह्मभोज न कर खर्च का पैसा बनारस के रोटी बैंक में दान कर दिया। परिजनों ने कहा कि उस पैसे से गरीबों को भोजन मिलेगा जो पिता जी की तेरहवीं के प्रसाद के समान ही होगा। उससे उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। कुसौली निवासी पं. राजबली शर्मा (79) का देहांत गत 19 सितंबर को हो गया। वह अपने पीछे पांच पुत्रों और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए। बृहस्पतिवार को उनकी तेरहवीं थी। मगर उनके बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों ने संक्रमण काल के मद्देनजर तेरहवीं के खर्च को वाराणसी के रोटी बैंक में दान कर दिया। कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराने से पिताजी की आत्मा को शांति मिलेगी। इस मौके पर पत्नी प्रभावती शर्मा, पुत्री सावित्री शर्मा और पुत्र प्रदीप शर्मा, सुशील शर्मा, अरुण शर्मा, मनोज शर्मा, संतोष शर्मा आदि मौजूद रहे।