तभी सुबह करीब सात बजे अरुणोदय पांडेय अपने तीन पुत्रों शशांक पांडेय, अमितेश पांडेय और आशीष पांडेय के साथ लाठी, बंदूक लेकर पहुंच गए ओर गाली देते हुए लाठी से हम लोगों को मारने-पीटने लगे। अरुणोदय पांडेय के ललकारने पर आशीष ने जान मारने की नीयत से मेरे पुत्र राकेश कुमार को गोली मार दी। इससे हम लोग घायल हो गए।
मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र भेजा, जहां गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद दोनों पक्षों को सुनकर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश पांडेय और तेजबहादुर यादव ने की। उधर आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद शुक्रवार को अरुणोदय पांडेय के घर पर सन्नाटा पसरा रहा।