ज्ञानपुर। जिले में धान की नर्सरी डालने की तैयारी में किसान जुट गए हैं,लेकिन अब तक राजकीय बीज गोदामों पर धान का बीज नहीं आ पाया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
विभाग का दावा है कि 682 क्विंटल बीज की मांग की गई है। 20 से 21 मई तक बीज आ जाएगा। 25 मई तक गोदामों से वितरण शुरू कर दिया जाएगा। जिले में 60 से 70 हजार हेक्टेयर में खरीफ सीजन में धान, ज्वार, मक्का की खेती की जाती है। इस बार करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। किसान एक से 10 जून के मध्य धान की नर्सरी डाल देते हैं। इसके लिए 3621 हेक्टेयर नर्सरी डालने का लक्ष्य कृषि विभाग ने तय किया है।
अभी किसान नर्सरी डालने के लिए खेत को तैयार करने में लगे हैं। नर्सरी के समय दिक्कत न हो इसलिए किसान अभी से बीज को खरीदकर रखने लगे हैं। अभी तक सरकारी धान बीज गोदामों पर नहीं पहुंच सका है। इसको लेकर किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। भारतीय किसान यूनियन के एके चौबे ने कहा कि किसानों की जरूरत के समय बीज, कीटनाशक और खाद नहीं मिल पाता। इससे उनको परेशान होना पड़ता है।
वहीं, विभाग का दावा है कि 682 क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य तय किया है। अभी मूल्य निर्धारित नहीं हैं लेकिन जो भी मूल्य तय होता उसमें 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। बीज की मांग निदेशालय से की गई है। 20 मई तक आने के बाद वितरण किया जाएगा।
कृषि विभाग की ओर से भले ही किसानों को अनुदान पर 682 क्विंटल धान बीज के बिक्री का लक्ष्य तय किया है लेकिन किसानों की ओर से पसंद की जाने वाली कालाजीर, गंगा कावेरी, सोनम, मोती जैसी प्रजाति के बीज किसानों को खुले बाजार में ही मिलेगी। 80 से लेकर 150 रुपये किलो की दर से महंगी कीमत भी चुकानी पड़ेगी।