किसानों का आरोप है कि कई बार विभागीय कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी उसे सही नहीं किया गया। एक सप्ताह के अंदर धान की नर्सरी डाली जाएगी लेकिन नलकूप सही न होने दिक्कत होगी।
चेतावनी दी कि शीघ्र ही कनेक्शन न जोड़ा गया तो वे लोग आंदोलन तेज करेंगे।
विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि गेराई समेत आस पास गांव के किसानों को सिचाई की समस्या को दूर करने के लिए नलकूप विभाग की ओर से गांव में नलकूप लगाया गया है।
भवन निर्माण, पंप लगकर तैयार हो चुका है, विभाग की ओर से विद्युत कनेक्शन समेत अन्य शुल्क भी जमा कर दिया गया है। इसके बाद भी छह माह से अधिक समय हो गए। लेकिन विद्युत विभाग की ओर से नलकूप का कनेक्शन नहीं जोड़ा जा रहा है। इसके चलते सिचाई की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
इसके अलावा किसानों की मेहनत पर पानी भी फिर रहा है। नलकूप विभाग के लोगों से कहने पर वे अपना काम पूरा होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में विद्युत विभाग की ओर से शुल्क जमा होने पर भी नल कूप का कनेक्शन नहीं जोड़ा जा रहा है। जो कि विभाग की गंभीर लापरवाही है, इसको लेकर किसान हरगिज शांत नहीं बैठेगे।
विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों में पप्पू सिंह, विवेक सिंह, वैभव सिंह, कुदे, भुआल, अटल, मंजीत, कल्लू सिंह, आयुष, दीन दयाल, संजीव मिश्र, मनोज, रवि, कल्लू यादव, कमलेश आदि रहे।
उधर विद्युत विभाग के एसडीओ अनभूल प्रसाद ने बताया कि अभी तक मामला मेरे संज्ञान में नहीं था, इसलिए कुछ बता नहीं सकता। आज मामला संज्ञान में आया है, इसे शीघ्र ही मैं प्राथमिकता से निदान कराने का प्रयास करूंगा।