चौरी में भदोही-बाबतपुर फोरलेन की पैमाइश के दौरान कागजात का निरीक्षण करते एडवोकेट कमिश्नर।
उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित एडवोकेट कमिश्नर की टीम ने शनिवार को सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित किसानों की जमीन की पैमाइश की। एडीएम हरिलाल यादव और एसडीएम आशीष कुमार की निगरानी में देर शाम तक पैमाइश चली। इस दौरान कहीं आधी फोरलेन सड़क किसानों की जमीन में मिली तो कहीं चौड़ीकरण सड़क से काफी दूर मिला। मौके पर मौजूद राजस्वकर्मी एडवोकेट कमिश्नरों के सवालों का समुचित जवाब भी नहीं दे सके।
भदोही-बाबतपुर फोरलेन मार्ग के चौड़ीकरण में वेदमनपुर गांव के कई किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इस मामले को लेकर किसान महफूज आलम समेत 33 अन्य और चकभुईधर निवासी शिवशंकर दुबे समेत 16 अन्य के अधिवक्ता अखिलेश तिवारी और राधेकृष्ण पांडेय ने उच्य न्यायालय में पैमाइश के लिए एडवोकेट कमिश्नर की मांग की थी।
उच्च न्यायालय ने दोनों मुकदमों के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। इसमें महफ़ूज आलम मामले में सौम्या चतुर्वेदी और शिवशंकर दुबे के मामले में सुगम शर्मा को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया गया। शनिवार को दोनों एडवोकेट कमिश्नर के साथ एडीएम हरीलाल यादव और एसडीएम आशीष कुमार यादव सहित तमाम तहसीलकर्मी सुबह 11 बजे वेदमनपुर गांव पहुंचे।
जमीन के कागजात देखने के बाद जब एडवोकेट कमिश्नरों ने सवाल पूछने शुरू किए तो राजस्वकर्मी बगले झांकने लगे। किसी भी सवाल के ठीक से जवाब न मिलने पर फटकार लगाई। दोनों मामलों में एक परिवार की जमीन पैमाइश होने में ही शाम पांच बज गए। पैमाइश में कहीं फोरलेन सड़क आधी किसानों की जमीन में मिली तो कहीं सड़क से काफी दूर। अपनी जमीन सड़क में आती देख किसान राजस्व कर्मियों पर ठीक से पैमाइश कराने पर अड़ गए। एडीएम हरिलाल यादव ने कहा कि पैमाइश की जा रही है। इसमें करीब तीन से पांच दिन लग सकते हैं।