ज्ञानपुर। जिले में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति सुधरी है। एक लाख 85 हजार 903 किसानों में से एक लाख 47 हजार 798 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। डीएम शैलेष कुमार के सख्त हिदायत के बाद प्रगति काफी हद तक सुधरी है।
दिसंबर तक 55वीं रैंक पर रहे जिले को फरवरी में सातवीं रैंक मिली है। पूर्वांचल का दूसरा जिला मिर्जापुर टॉपटेन में शामिल है। जिसको पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है। अब तक 79.51 फीसदी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन चुकी है। अप्रैल तक शत प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री करने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिले में 70 हजार हेक्टेयर में रबी और खरीफ सीजन की खेती होती है। दो लाख 26 हजार किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत हैं। साल 2024 में शासन ने किसानों की एक आईडी बनाने का निर्णय लिया। इसके तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही है।
इसमें किसानों की यूनिक आईडी बनेगी, जिसमें उपजाऊ भूमि से लेकर सारी प्रॉपर्टी को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। इसको लेकर गांव-गांव शिविर लगाए गए, लेकिन शुरुआती दिनों में इसकी प्रगति खराब थी। इसके पीछे खतौनी में नाम गलत होना, सर्वर सही न चलना आदि रहा।
जुलाई 2025 से शासन के सख्त निर्देश के बाद कृषि विभाग, राजस्व विभाग से लेकर अन्य टीमें लगाई गई। धीरे-धीरे प्रगति सुधर रही है। प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री में भदोही को सातवीं रैंक मिली है। पूर्वांचल के अन्य जिलों में मिर्जापुर को पाचवां स्थान मिला है। इसके अलावा शेष अन्य जिले टापटेन में स्थान बनाने में असफल रहे।