भदोही। विद्युत मूल्य वृद्धि, मनमानी बिजली कटौती व अधिकारियों के लचर रवैये को लेकर शनिवार को उप्र किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पर धरना दिया। धरना विद्युत मूल्य वृद्धी वापस लेने सहित विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए किया गया था। अंत में एक्सईएन की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर धरना समाप्त किया गया।
सुबह 10 बजे धरना शुरू हुआ। विद्युत मूल्य बढ़ाए जाने को लेकर किसानों में रोष दिखा। वक्ताओं ने कहा कि एक तो विद्युत कटौती पहले से बढ़ गई है। खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने में सुविधा शुल्क मांगा जाता है। बदलने में एक एक महीना तक लगा देते हैं। ऐसे में विद्युत मूल्य वृद्धि हम किसानों की कमर तोड़ देगी। जिला मंत्री इंद्रदेव पाल ने कहा कि भाजपा राज में गरीब किसान मजदूर सब ठगे महसूस कर रहे हैं। सभी की आशाएं टूट चुकी हैं। विडंबना है कि संपन्न राज्यों में बिजली उप्र से सस्ता है। उप्र में किसान इतना पैसा कैसे दे पाएंगे? इस दौरान भाजपा के विरुद्ध नारेबाजी कर कहा गया कि सरकार का दोहरा चरित्र सामने आ गया है। जनप्रतिनिधि सब मौन धारणं किए हुए हैं।
अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित 5 सूत्री मांग पत्र एक्सईएन कार्यालय में देकर धरना समाप्त किया गया। रमापति यादव ने मांग पत्र पढ़कर सुनाया। धरना में ज्ञान प्रकाश, जगन्नाथ मौर्य, प्रेम बहादुर, रामचंद्र पटेल, अमृत लाल मौर्य, चंद्रेश त्रिपाठी, परदेशी राम, भान सिंह मौर्य, बेचू लाल बिंद, राजकुमार बिंद, श्री राम सरोज, मुरलीधर पाल, रामलाल यादव आदि सैकड़ो लोग शामिल रहे।