फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाली हाउस निर्माण में किसान फिसड्डी,राह तक रहा विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। उधान विभाग की ओर से चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना पाली हाउस निर्माण के प्रति न किसानों की जागरूकता प्रबल हो पा रही है और न ही विभाग इसके लिए कोई सार्थक कदम उठाकर लाभ दिलाने में कोई कदम उठा पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 और 19-20 पर नजर दौड़ाई जाय तो अब तक विभाग को कुल चार हजार वर्ग मीटर में 50 फीसद अनुदान पर असामयिक सब्जियों और फलों को उगाने के लिए पाली हाउस निर्माण का लक्ष्य मिला, लेकिन एक हजार वर्ग मीटर तक के निर्माण की ओर न प्रगतिशील किसान ही उत्सुक हो पाए और न ही आम किसान।
विज्ञापन

बावजूद इसके मंडलीय अधिकारी निरीक्षण कर योजना को कागजों तक सीमित कराकर वाहवाही लूटी जा रही है। हालांकि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि उधान विभाग से हटकर निजी तौर पर कुछेक किसान पाली हाउस पर विश्वास कर रहे हों कोई रिकार्ड नहीं है। डीएचओ सुनील कुमार तिवारी ने का कहना रहा कि दोनों वित्तीय वर्षों में अब तक औराई, डीघ, अभोली, सुरियावां और भदोही ब्लॉकों में दौरा कर पाली हाउस निर्माण के लिए किसानों को जागरुक करना रुख नहीं मोड़ सका। जबकि किसान योजना का लाभ उठाए तो बेमौसमी मंहगी सब्जियों, फलों, मशाला आदि का भरपूर उत्पादन कर अच्छी कीमत निकालेंगे ही स्वयं के उपयोग कर सकते हैं। बताया कि किसान अब भी लाभ उठाएं तो उन्हें एक हजार वर्ग मीटर पर 935, एक से दो हजार वर्ग मीटर पर 890 और चार हजार वर्ग पर प्रति मीटर 844 रुपए का अनुदान मिल जाएगा।
स्थायी पाली हाउस निर्माण को मिला 15 लाख
ज्ञानपुर। जनपद में ढाई दशक से संचालित उधान विभाग को अब एक हेक्टेयर में जिला मुख्यालय पर बनने वाले स्थाई पाली हाउस निर्माण के लिए शासन ने 15 लाख रुपए अवमुक्त करा दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद के प्रयास से
विज्ञापन

सिंचाई संयंत्रों की ओर बढ़ रहा रुझान
ज्ञानपुर। उधान विभाग की सिंचाई योजना की ओर किसानों का काफी रुझान देखा जा रहा है। इस वर्ष ह्यूम सिंचाई पाइप में विभाग को 1174 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है जिसमें पांच सौ से अधिक किसान अनुदानित पाइप प्राप्त भी कर चुके हैं। योजना के तहत ड्रिप, स्प्रींकिलर, टपक तकनीकी से होने वाली सिंचाई के लिए पाइपों को अलग-अलग अनुदान दिया जा रहा है। प्रभारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सिंचाई पाइप के लिए किसानों की रुझान भी बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें