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परिजनों ने ही की थी निशा की हत्या

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फाइल फोटो निशा दूबे - फोटो : BHADOHI
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भदोही। कोतवाली क्षेत्र के जमुनीपुर अठगवां मेला की बारी में शनिवार की रात हत्या कर फेंक गया शव सुरियावां थाना क्षेत्र के कोछियां के अमरेश कुमार दूबे की पुत्री निशा दूबे (15) की थी। उसकी हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि उसके दोनो चाचा ही थे। पुलिस ने रात ही चाचा इंद्रेश दूबे और रंजीत दूबे तथा इंद्रेश की पत्नी वंदना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने कोतवाली में प्रेस वार्ता कर बताया कि मृतका के पिता मुंबई में रहते हैं लेकिन उनके दोनो भाईयों ने अपने पड़ोसी और पट्टीदारी से चल रहे विवाद के चलते निशा के अपहरण और हत्या में फंसाना चाहते थे। लेकिन उनके मोबाइल में रिकार्ड एक काल से पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया।
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एसपी ने बताया कि रात प्रारंभिक जांच में परिजनों का हाथ होने के संकेत मिले थे। इस पर रंजीत के मोबाइल में कैद बातचीत की रिकार्डिंग से पूरे मामले का खुलासा हो गया। फोन रिकार्डिंग में निशा को मार डालने की बातचीत हो रही है। बताया कि इनका अपने पट्टीदारों से विवाद चल रहा था। इन्हें समझ में आया कि अपने घर के लड़की को मार कर फेंक देंगे और पट्टीदारों को फंसा देंगे। इस क्रम में इंद्रेश मृतका निशा को बाइक पर बैठा नियत स्थान पर पहुंचा। जबकि रंजीत चापड़ लेकर पहले से घटनास्थल पर मौजूद था। वहां दोनो ने हत्या कर शव को वहीं फेंक कर लौट आए। पड़ोसियों पर आरोप सही प्रतीत हो इसके लिए उन्होंने पट्टीदारों पर निशा के अपहरण की झूठी तहरीर पहले ही पुलिस को दे दी थी। जिसमें पुलिस ने कहानी में झोल पाकर मुकदमा दर्ज नहीं किया था। पुलिस की जांच में मृत युवती के दोनों चाचा गिरफ्त में आ गए।
अपने ही घर की बेटी की हत्या क्यों करेंगे?
भदोही। यह पूछे जाने पर कि वे अपने ही भतीजी की हत्या क्यों करेंगे? पुलिस अधीक्षक ने साफ किया कि इनकी भतीजी निशा मुंबई में पिता के साथ रहती थी। ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के अजयपुर का दीपक उपाध्याय आटो चलाते चलाते निशा को वहां से भदोही भगा लाया था और गोपीगंज के बड़े शिवमंदिर में विवाह भी रचा लिया था। लेकिन मुश्किल से तीन महीने में निशा का अपने पति से मोहभंग हो गया क्योंकि उसे मुंबईया तरीके से अपने ससुराल में रहने की आजादी नहीं थी। इस बीच पिता ने बेटी से मुंह मोड़ लिया था और अपनाने को तैयार नहीं था। चूंकि भतीजी नाबालिग थी इस बिना पर दोनों चाचाओं ने अजयपुर के दीपक उपाध्याय के खिलाफ सुरियावां में पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। जेल में बंद दीपक से दोनो चाचा सुलह समझौते के नाम पर धन भी उगाही के फिराक में थे, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
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हत्या के पीछे दो हित साधना चाह रहे थे।
भदोही। बकौल पुलिस अधीक्षक अपनी भतीजी की हत्या कर वे दो हित साधना चाह रहे थे। एक यह कि उसे मुंबई से भगा लाने वाले दीपक उपाध्याय से बदला लेते और कुछ धन वसूलना चाहते थे दूसरा अपने ही पड़ोसी और पट्टीदारों से चल रहे जमीन विवाद में उन पर अपहरण और हत्या के आरोप में फंसा कर हमेशा हमेशा के लिए विवाद को दबा देना चाहते थे।

कोतवाली में निशा की हत्या के मामले का खुलासा करते एसपी राम बदन सिंह- फोटो : BHADOHI

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