जो परिवार किसी तरह के राशनकार्ड के पात्र नहीं है, उनके लिए एक परिवार एक पहचान योजना के तहत फैमिली आईडी कार्ड बनेंगे। जिले में ऐसे 64,588 कार्ड बनाए जाएंगे। इससे उनको एक नया पहचान पत्र मिलने के साथ ही सरकार की लाभार्थी परक योजनाओं का भी लाभ मिल सकेगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अभिलेख महत्वपूर्ण होते हैं। राशन कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य प्रमाणपत्र लगाने पर ही योजनाओं का लाभ मिलता है। वैसे तो जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के तीन लाख कार्डधारक हैं। इसके तहत जिन परिवारों के पास राशन कार्ड हैं, उनका राशन कार्ड संख्या ही फैमिली आईडी के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
ऐसे परिवार जो राशनकार्ड के पात्र नहीं है अथवा जो पात्र हैं लेकिन उनके पास राशनकार्ड नहीं हैं, उनकी फैमिली आईडी बनेगी। प्रदेश सरकार योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए एक परिवार एक पहचान योजना चला रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी और नगरीय क्षेत्र में एसडीएम के माध्यम से फैमिली आईडी जारी किए जाएंगे।
भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को इसी फैमिली आईडी के माध्यम प्राप्त होगा। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत ने बताया कि फैमिली आईडी बनवाने के लिए पंचायत सहायक अथवा जनसेवा केंद्र के माध्यम से या स्वयं ऑॅनलाइन आवेदन करना होगा।
फैमिली आईडी आवेदन के लिए परिवार के मुखिया का आधार कार्ड संख्या तथा आधार से मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। परिवार के सभी सदस्यों को उनकी आधार कार्ड संख्या एवं लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से जोड़ते हुए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 64,588 फैमिली आइडी बनने हैं। अब तक 10 हजार आवेदनों में 8,500 को आईडी दी जा चुकी है।