इलाके के धनुष यज्ञ की बारी में लगने वाला तीन दिवसीय धनुष यज्ञ का मेला
मंगलवार से शुरू हो जाएगा। सोमवार को देर शाम तक दूकानदार अपनी दूकानें
सजाने में जुटे रहे।
मेले में विभिन्न प्रकार के झूले आदि भी पहुंच गए हैं।
मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम और जगत जननी मां सीता के स्वयंवर को
लेकर यह मेला आयोजित होता है। मेले में राम और सीता का विवाह होने के साथ
ही खिचड़ी का आयोजन किया जाता है।
मेले में 15 दिसंबर को धनुष टूटेगा,
16 दिसंबर को विवाह और 17 को खिचड़ी का आयोजन होगा। ऐतिहासिक मेले में
भेड़ा और तीतल की लड़ाई काफी चर्चित मानी जाती है।
इसे देखने के लिए आसपास
के जिले के लोग पहुंचते हैं। मेले में आयोजक शिव बहादुर सिंह और हरिपाल
सिंह ने पुलिस प्रशासन से मेले में सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। जो
आवश्यका है। यहां आकर लोग खरीदारी करते है और आनंद लेेते हैं।