ज्ञानपुर (भदोही)। कोरोना संकट के बाद पहली बार कालीन मेला बड़े स्तर पर आयोजित हो रहा है। इस मेले से कालीन उद्योग को नई ऊंचाइयां हासिल होंगी। पहली बार विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी भदोही में लगे इस मेले से न सिर्फ कालीन निर्यातकों को फायदा होगा, बल्कि कालीन उद्योग के उत्थान में यह एक मील का पत्थर साबित होगा। यह बातें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को भदोही एक्सपो मार्ट में लगे चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के उद्घाटन के दौरान कहीं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की ओर से आयोजित इस आयोजन में उन्होंने कहा कि जिले के कालीन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान है। दुनिया के 70 देशों में यहां की कालीन बड़ी मात्रा में निर्यात की जाती है। कोरोना ने भारतीय कालीन उद्योग पर ब्रेक लगा दिया था, लेकिन यह आयोजन अब बूस्टर का काम करेगा। बताया कि 2020-21 में कालीन उद्योग में 21 फीसदी की वृद्धि हुई। सरकार कालीन उद्योग के विकास के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है। यह आयोजन कालीन के सारे प्रोजेक्ट के प्रमोशन में काफी मदद करेगा। विदेशों में हमारे कालीन की काफी सराहना की जाती है, हर साल बड़ी मात्रा में विदेशी मेहमान हमारे कालीन खरीदते हैं। कालीन उद्योग का जीडीपी में जहां 10 फीसदी तो विदेशी मुद्रा में 15 फीसदी का योगदान है। जिले के कालीनों की जीआई टैगिंग भी हो चुकी है। ऐसी स्थिति में आने वाला समय कालीन व्यापारियों के लिए काफी सुनहरा होने वाला है। सरकार भी इसके उत्थान के लिए काफी कार्य कर रही है। इसके पहले उन्होंने चार दिवसीय इस आयोजन का फीता काटकर उद्घाटन किया।
कालीन मेले में पहुंचीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक्सपो मार्ट में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कालीन स्टालों पर पहुंचकर अनुप्रिया ने कालीन की बारीकियों का समझा और खूबियों की जानकारी लीं। मेले में 260 कालीन निर्यातकों ने स्टॉल लगाया है। इसमें 85 फीसदी कालीन निर्यातक भदोही के हैं। इस दौरान सांसद रमेश बिंद, मडियाहूं विधायक आरके पटेल, सीईपीसी चेयरमैन उमर हमीद,एकमा अध्यक्ष रजा खां, कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र, जिलाधिकारी गौरांग राठी, एसपी डॉ. अनिल कुमार सहित अन्य रहे।