सुरियावां। स्थानीय रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण का काम धीरे चल रहा है। तीन साल से चल रहा काम अब तक तीन से चार बार बंद हो चुका है। इस समय बीते छह महीने से काम ठप है। अब तक प्लेटफॉर्म एक के पूरब तरफ का प्लेटफॉर्म कंप्लीट नहीं है और स्टेशन का संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अलावा अब तक न तो बाउंड्री बनी है और न ही इंटरलॉकिंग दुरुस्त कराया गया है। दो साल पहले लगी इंटरलॉकिंग धंस चुकी है।
सुरियावां रेलवे स्टेशन जिले का प्रमुख व्यावसायिक स्टेशन है। यहां के रेलवे स्टेशन पर हर दिन 10 से 12 पैसेंजर व सुपरफास्ट ट्रेनों का स्टॉपेज होता है। हर दिन स्टेशन से आठ से 10 हजार से अधिक लोग यात्रा भी करते हैं। इसके बाद भी स्टेशन पर दुर्व्यवस्थाओं का अंबार लगा है। तीन साल पहले स्टेशन के विस्तारीकरण का काम शुरू किया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं किया जा रहा है।
विस्तारीकरण योजना के तहत प्लेटफॉर्म को ऊंचा करने, पेयजल व्यवस्था, सीट की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था आदि समस्याओं को दूर करना था, लेकिन तीन साल में अब तक आधा अधूरा प्लेटफॉर्म पश्चिमी तरफ बनाकर छोड़ दिया गया है। स्टेशन का बोर्ड भी आज तक नहीं लगाया गया।
क्या बोले लोग
दस किमी की परिधि का यह स्टेशन है, लेकिन व्यवस्था न के बराबर है। सुरियावां व्यापारिक केंद्र है। रेलवे के आला अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - सूरजभान, सभासद सुरियावां।
विस्तारीकरण का कार्य तीन साल में पूरा नहीं हो सका है। प्लेटफॉर्म एक के पश्चिमी तरफ सुरियावां स्टेशन का बोर्ड लगाया जाए। जिससे यात्रियों में स्टेशन को लेकर भ्रम की स्थिति न रहे। अतिक्रमित रेलवे की जमीन खाली कराई जाए। - जतन कुमार गुप्ता, व्यापारी, सुरियावां।
कुछ तकनीकी कारणों से काम बंद चल रहा है। स्टेशन पर होने वाली असुविधाओं और काम को पूरा कराने को लेकर अधिकारियों को लगातार पत्र लिखा जा रहा है। उच्चाधिकारियों के द्वारा ही निर्णय लिया जाना है। - अमित कुमार, स्टेशन अधीक्षक, सुरियावां।