हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और संस्कार को आत्मसात कर नौजवान समाज को परिवर्तित कर ग्राम पंचायत को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें तो भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है।
यह बातें सांसद विरेंद्र सिंह मस्त ने शनिवार को डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में नेहरू युवा केंद्र की ओर से आयोजित जिला स्तरीय युवा सम्मेलन एवं युवा कृति विकास प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि कही।
सांसद ने कहा कि आज हम अपनी प्राचीन संस्कृति एवं सभ्यता को भूलते जा रहे हैं जबकि इसके बिना हम समाज और राष्ट्र को सशक्त और मजबूत नहीं बना सकते।
हमारी ग्राम पंचायतें जो कभी हमारे विकास का आधार होती थीं वह अब सत्ता और धन की तरफ उन्मुख होकर अपना अस्तित्व खो रही हैं। नौजवानों को चाहिए कि अपनी ग्रामसभा और ग्राम पंचायत को सशक्त बनाने के लिए अपनी भागीदारी शत प्रतिशत सुनिश्चित करें।
पूर्व प्राचार्य केएनपीजी डा. अशोक मिश्रा ने लिंग असमानता पर बोलते हुए महिला शक्ति को आगे बढ़ाने और समाज की हर गतिविधियों में बराबर सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
इसके पूर्व सांसद ने दीप प्रज्जवलन एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी तरह मुरलीधर शर्मा, प्रेमशंकर त्रिपाठी, वीके राय, रविकांत भारती ने भी विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर लोकसभा प्रभारी शैलेंद्र दूबे टुन्ना, रामेश्वर उपाध्याय, बाबूराम बिंद, वीरेंद्र शुक्ला, सोनी गुप्ता, पूनम श्रीवास्तव, प्रशांत दूबे सहित कई लोग मौजूद रहे।