शिक्षकों के विरोध के चलते कोठार का ताला नहीं खुल सका। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी तो मूल्यांकन का विरोध जारी रहेगा।
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मणिशंकर मिश्रा ने कहा कि जब तक वित्तविहीन शिक्षकों के लिए चुनावी घोषणापत्र में किया गया वादा पूर्ण नहीं किया जाएगा विरोध जारी रहेगा।
शिक्षक अब आश्वासन पर नहीं मानने वाले हैं। वीरेंद्र प्रताप ने कहा कि प्रदेश सरकार दो साल से उनकी मांगों पर सिर्फ आश्वासन दे रही है। वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हंसराज तिवारी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक धैर्य से काम लें, सरकार को उनकी मांगे माननी पड़ेगी। मूल्यांकन न करने पर सरकार आखिरकर झुंकेगी।
शिक्षकों को आखिरकार मानदेय दिलाकर ही दम लिया जाएगा। इसी तरह नरेंद्र गुप्ता, डीएन यादव, सुशील मिश्रा, समर बहादुर शर्मा, जटाशंकर, सुदर्शन, रामजी ने संबोधित किया।
मंडलीय मंत्री विरेंद्र बहादुर सिंह और कमलेश उपाध्याय ने शिक्षकों में जोश भरते हुए अधिक संख्या में धरने में शामिल होने का आग्रह किया। धरने की अध्यक्षता प्रदेश कार्य समिति के सदस्य घनश्याम उपाध्याय और संचालन वासुदेव तिवारी ने किया।