सभासदों ने अधिशासी अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे कार्यालय जाते हैं तो अधिशासी अधिकारी परिचय पूछते हैं और बताने के बाद भी पहचानने से इंकार कर देते हैं। यह उनका ही नहीं नगरवासियों का अपमान है। बताया जाता है कि शुक्रवार की दोपहर दो बजे सभासद कार्यालय पहुंचे इस दौरान सभासद राजकुमार गुप्ता और ईओ सत्येंद्र प्रकाश के बीच इसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई, जिसके बाद सभी सभासद वहीं धरने पर बैठ गए और सामूहिक रूप से सदन का बहिष्कार कर दिया।
सभासद राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पूर्व निर्धारित समय के अनुसार शुक्रवार को दोपहर जब वे नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तो अधिशासी अधिकारी ने उनसे परिचय पूछा। बताने पर उन्होंने कहा कि मैं आपको नहीं जानता कृपया सदन से बाहर चले जाएं। सभासद से इसी बात को लेकर अभी बातचीत चल ही रही थी कि अन्य सभासद भी पहुंच गए। उन्हें भी ईओ का व्यवहार अपमानजनक लगा। दूसरे सभासद भी राजकुमार की ओर से ईओ से सवाल जवाब करने लगे, जिसमें बात बढ़ गई और फिर तीखी झड़प हो गई। इतना सबकुछ होने के बाद सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और सदन के बाहर आकर जमीन पर धरने पर बैठकर ईओ के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
धरने पर बैठे सभासदों ने कहा कि ईओ को नगर के विकास में रुचि नहीं है। इनका यह व्यवहार जब से यहां आए हैं तब से है। पूर्व में दूसरे सभासदों से भी ऐसा व्यवहार कर चुके हैं। यदि वे सभासदों को नहीं पहचानते तो आम नागरिकों का कैसे सम्मान करेंगे? लोगों ने अध्यक्ष से कहा कि जब तक वे यहां रहेंगे कोई बैठक नहीं होने दी जाएगी। उधर धरने पर बैठे सभासदों को चेयरमैन संगीता गुप्ता ने ईओ के विरुद्ध मिनी सदन में प्रस्ताव लाने और यहां से स्थानांतरण के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया। धरना देने वालों में नन्हें मिश्रा, अंजली, शिवअधार यादव, इमामुद्दीन, हसनैन अहमद, रुकमिणी देवी, प्रभावती देवी, मुमताज अहमद, पवित्रा, निर्मला, लखेंदर आद िशामिल थे।