ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में पिछले तीन महीने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों की सहूलियत के लिए सौ शय्या अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई, लेकिन उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बीते डेढ़ महीने में छह बार इंजीनियर आ चुके हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक नहीं हो सकी है। जिससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए प्राइवेट में जाना पड़ता है।
जिले में दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने वाला महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाएं पहले से तो बढ़ी हैं, लेकिन अब भी मरीजों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में अप्रैल माह से ही अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में हर दिन करीब एक हजार पैथॉलाजी, 100 के करीब एक्सरे और 25 से 30 के बीच अल्ट्रासाउंड होता है।
अस्पताल में कभी अल्ट्रासाउंड तो कभी एक्सरे मशीन खराब हो जाती है। सबसे अधिक परेशानी प्रसव पीड़िता महिलाओं को हो रही है। डेढ़ महीना पहले सौ शय्या का अल्ट्रासाउंड मशीन आई, लेकिन वह भी शोपीस है। अब तक पांच बार जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड और एक बार सौ शय्या के अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक करने के लिए इंजीनियर आ चुके हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक नहीं किया जा सका है।
गर्भवती महिलाओं की बढ़ी समस्या:
ज्ञानपुर। अल्ट्रासाउंड न होने के बाद से चिकित्सक भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड लिखना बंद कर दिए है। सबसे बड़ी समस्या तो प्रसव पीड़िता को होती है। जिन्हें समय पर अल्ट्रासाउंड की सख्त जरूरत पड़ती है। बच्चे की ग्रोथ कैसी है, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर चिकित्सक प्रसव पीड़िता को दवा देते हैं। मशीन खराब होने के कारण उन्हें निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाना पड़ रहा है। जहां उन्हें 400 से 1400 रुपये तक अतिरिक्त खर्च होते हैं।
ओपीडी - 1000
इमरजेंसी - 50-60
गर्भवती ओपीडी- 10-15
ऑपरेशन- 1 से 2 औसतन हर दिन
रोजाना अल्ट्रासाउंड - 25-30
नोट- अल्ट्रासाउंड का ऑकड़ा शुरू होने के समय का है।
अल्ट्रासाउंड मशीन की जो रिपोर्ट प्रिंटर से निकलती है वह खराब है। इस संबंध में जिला चिकित्सालय के सीएमएस से बात कर तत्काल इसकी व्यवस्था की जाएगी। डॉ. एसके चक, सीएमओ।
सौ शय्या अस्पताल से लाकर अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई है, लेकिन उसमें भी तकनीकी खामी आ गया है। जल्द ही नए सिरे से अल्ट्रसाउंड शुरू किया जाएगा। नया प्रिंटर मंगाया गया है, उम्मीद है कि जल्द ही आ जाएगा। -डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस जिला चिकित्सालय।