ज्ञानपुर में राजापार्क के समीप सड़क पर अतिक्रमण कर लगीं दुकानें।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। भदोही जिले के आधा दर्जन नगरों में मनमाने ढंग से हुए अतिक्रमण ने जनसहूलियतों का बंटाधार कर दिया है। जिला मुख्यालय से लेकर भदोही नगर हो या व्यावसायिक नगरी गोपीगंज, नगरीय इलाके की सड़कें ठेले-खोमचे, अस्थायी दुकानें और बेसिर-पैर की पार्किंग से सिकुड़ती जा रहीं हैं। इससे दिन-भर में कई बार जाम लगना हर रोज की कहानी बन गई है।
बानगी के तौर पर जिला मुख्यालय का नगर ज्ञानपुर को लिया जा सकता है। अपेक्षाकृत बेहद छोटे नगर में भी जाम की समस्या हर रोज यातायात को मुंह चिढ़ाती है। नगर के मुख्य तिराहे से लेकर ज्ञानपुर-भदोही मार्ग पर केएनपीजी कॉलेज तक और मुख्यालय रोड पर नथईपुर तिराहे तक जगह-जगह सड़क पर भारी-भरकम कब्जा है। कहीं सब्जी-मीट आदि की दुकानें रोड पर आगे तक बढ़ाकर सजा दी जाती हैं तो कहीं सड़कों पर ही आड़े-तिरछे खड़े किए गए दोपहिया और चारपहिया वाहन यातायात का पहिया रोकते रहते हैं। रही-सही कसर सवारी बैठाने के चक्कर में ऑटो रिक्शा वाले पूरी कर देते हैं। बीच रोड ऑटो खड़ाकर सवारी बैठाने और इंतजार करने के चक्कर में कई बार ये ऑटो रिक्शा चालक जानलेवा दुर्घटनाओं की वजह भी बन चुके हैं। नगर में राजा पार्क रोड और गोयल गली जाम का दूसरा नाम हो गया है। यहां पक्के और अस्थायी दोनों तरह के अतिक्रमण होने से सड़कों पर चलना दूभर हो गया है। यही हाल जिले के व्यावसायिक नगर के रूप में चर्चित गोपीगंज का भी है। नगर की ज्यादातर सड़कें अस्थायी दुकानदारों के कब्जे में हैं। यहां तक कि वाराणसी-प्रयागराज हाईवे का सर्विस लेन पर भी पुलिस की कृपा से हर वक्त दुकानें सजी रहती हैं। यहां अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाता है तो उसके कुछ देर बाद ही फिर दुकानें जस की तस सज जाती हैं। भदोही नगर की हालत तो अतिक्रमण के मामले में बेहद खस्ता है। वहां कई सड़कों पर आगे तक पक्के निर्माण और सीढ़ियां बना ली गईं हैं। जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति कभी नहीं दिखाई। इस संबंध में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद कहते हैं कि नगरों में अतिक्रमण की समस्या बड़ी हो रही है। अवैध अतिक्रमण को हटवाकर सड़कों को मुक्त कराया जाएगा। ताकि यातायात प्रभावित न हो।