भदोही। नगर के एक कालीन निर्यात फर्म में शनिवार को सायं 4.20 बजे अचानक खतरे का सायरन बज उठा। देखते देखते सभी कर्मचारी अलर्ट की मुद्रा में आ गए और फिर कुछ देर में सभी विभागों में कार्यरत कर्मचारी बरामदे में आकर खड़े हो गए। कर्मचारियों की गणना होने लगी। इसके थोड़े ही देर बाद जब वहां एक वरिष्ठ कर्मचारी अग्निशमन यंत्र लेकर पहुंचे तो माजरा साफ हो गया कि कोई खतरे का सायरन नहीं था बल्कि यह आग के आकस्मिक खतरे से लड़ने के लिए मॉकड्रिल था।
आरएमसी कलेक्शन के साझेदार शाहिद एकराम ने बताया कि हर तीन महीने पर मॉकड्रिल किया जाता है। इससे पता चलता है कि हमारे प्रतिष्ठान में लगे सायरन को लेकर कर्मचारी कितने गंभीर हैं। इतना ही नहीं परिसर में लगे अग्निशमन यंत्र ठीक से कार्य कर रहे हैं कि नहीं यह भी पता चल जाता है। कंपनी के कंप्लायंस अधिकारी शमशाद अहमद ने बताया कि कर्मचारियों की गणना कर यह देखा जाता है कि अप्रिय घटना होने पर सभी कर्मी बाहर निकल गए हैं या नहीं। इस मॉकड्रिल के दौरान कंपनी के नए कर्मचारियों को इसका भी प्रशिक्षण दिया गया।