ज्ञानपुर। दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाला जिला चिकित्सालय का इमरजेंसी बिना ईएमओ के चल रहा है। यहां ईएमओ के तीन पद है, लेकिन एक भी तैनाती नहीं है। रोजाना करीब 50 मरीजों की इमरजेंसी होती है। इस समय ओपीडी के चिकित्सकों की ही रोस्टरवाइज ड्यूटी लगाकर इमरजेंसी का संचालन किया जाता है। इससे जिस चिकित्सक की ड्यूटी लगाई जाती है। अगली सुबह उनके अवकाश पर रहने के कारण ओपीडी प्रभावित होती है।
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में हर दिन 800 से 900 मरीजों का उपचार होता है। वहीं करीब 45 से 50 मरीजों की इमरजेंसी भी होती है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) के कुल तीन पद हैं। जून में अस्पताल से ईएमओ के तबादला होने के बाद से ही पद खाली चल रहा है। जिसके कारण यहां ओपीडी में तैनात चिकित्सकों की ही शिफ्टवार ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई जाती है। छह महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक जिला अस्पताल में ईएमओ की तैनाती नहीं की गयी है। जिला चिकित्सालय में रेंगुलर और संविदाकर्मी मिलाकर कुल 20 चिकित्सकों की तैनाती है।
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वर्जन:
ईएमओ न होने के कारण ओपीडी के चिकित्सकों की रोस्टरवार ड्यूटी लगायी जाती है। ईएमओ की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। -
डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस एमसीएच