चौरी। क्षेत्र के साऊपुर स्थित उपकेंद्र के विभिन्न फीडरों से जुड़े लगभग दो सौ गांवों की बिजली व्यवस्था तीसरे दिन सोमवार को भी बहाल नहीं हो सकी। इससे कनेक्शन धारकों, किसानों की परेशानी बढ़ गई। गांवों में बिजली न होने से ग्रामीणों की नींद हराम हो गई है। बिजली न मिल पाने के कारण उपकरण शोपीस बनकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने में कमी नहीं छोड़ रहे हैं। पेयजल से लेकर प्रकाश व्यवस्था के लिए लोग परेशान देखे जा रहे हैं। शनिवार की शाम गरज-चमक के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बीच उपकेंद्र पर गिरी बिजली से अचानक ठप हो गई। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि बिजली की चपेट में आकर कई उपकरणों में बड़ी खराबी आ गई है, जिसके सुधार के नाम पर विभाग ने तीन दिन का समय लगा दिया गया। फीडरों को जोड़ने वाले हाईटेंशन केबल भी जल गए हैं। जेई एसके गुप्ता का कहना था कि बरसात के कारण उक्त समस्या उत्पन्न हुई है। विभागीय तकनीशियन लगे हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
उपकेंद्र में भरा पानी, सांसत में जान
सुरियावां। तीन दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण सुरियावां उपकेंद्र में पानी भर जाने से कर्मचारियों की जान सांसत में पड़ गई है। जिस स्थान पर उपकेंद्र संचालित है, वह काफी नीचे होने के चलते प्रति वर्ष कार्यालयों और मशीनों तक पानी पहुंचना आम बात रहती है। पूर्व के दिनों में लाखों रुपये खर्च कर मिट्टी डलवाई गई। मगर वह भी कम पड़ गई और हजारों का गोलमाल हो गया। उपकेंद्र से संचालित फीडर हरिहरपुर, सुरियावां नगर, सरायकंसराय, दुर्गागंज के आए दिन बंद पड़े रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों, उपभोक्ताओं ने विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उच्चाधिकारियों की शिथिलता की ही देन है कि उपकेंद्र से जुड़े लाभार्थी बिजली के लिए तरसते हैं। बार-बार जनप्रतिनिधियों से उपकेंद्र का नए सिरे से निर्माण की मांग भी बेकार साबित हो रही है।