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निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने भरी हुंकार

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भदोही। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले शनिवार को पांच दर्जन से अधिक विद्युत अधिकारियों और कर्मियों ने सिविल लाइन विभाग कार्यालय पर दो घंटे धरना देकर निजीकरण का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार का यह निर्णय आत्मघाती होगा इस निर्णय को समय रहते सुधार लिया जाना चाहिए। लोगों ने विद्युत पावर कारपोरेशन के चेयरमैन से निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
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धरना में अधिशासी अभियंता ज्ञानपुर मनोज कुमार ने कहा कि निजीकरण केवल हमारे लिए ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए भी घातक होगा। इससे विद्युत दरें बढ़ जाएंगी तथा विद्युत कर्मियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। कहा कि निजीकरण से दरें भी निजी कंपनियों की हो जाएंगी जिससे उपभोक्ता भी उलझ कर रह जाऐंगे। कहा कि निजीकरण का विरोध केवल विद्युत कर्मियों को करना पड़ रहा है जबकि आम उपभोक्ताओं को भी आगे आना चाहिए।
धरना के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और 5 अक्टूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी। यह भी कहा कि यदि सरकार निजीकरण का प्रस्ताव त्याग दे तो आंदोलन की घोषणा वापस ले ली जाएगी। धरने में एईआर सुनील कुमार, एसडीओ गोपीगंज दीपक पटेल, एसडीओ मीटर संजय यादव, जेई मीटर दीपक दूबे, सुनील यादव एसडीओ सुरियावां, जेई लवकेश सिंह, प्रमोद चौहान, विनोद यादव, रामानंद कुशवाहा, मंसूर अली, बिजलेश पाल, गरिमा श्रीवास्तव, सब्बो खानम, ममता पटेल, नईम अहमद आदि उपस्थित रहे।
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