मासूम के मौत की जानकारी होते ही गांव के लोग खेतों की तरफ दौड़ पड़े। गांव में बिजली निगम के कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि लंबे समय से अर्थिंग तार में करंट प्रवाहित हो रहा था। जिसकी विभाग से शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई।
कहा कि अगर समय रहते विभाग ने अर्थिंग की समस्या को ठीक किया होता, तो विवेक की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद मां संगीता देवी बेसुध हैं और पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।