आरोप लगाया कि विभागीय स्तर से बिना सूचना के उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। करीब आठ माह का मानदेय भी नहीं दिया गया। विभाग ठेकेदारों को काम दिलाने के लिए उन्हें बाहर कर रहा है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे।
चंदन सिंह के नेतृत्व में बारह से अधिक कर्मचारियों ने बुधवार को बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि दिसंबर और जनवरी महीने में उ. प्र. पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से जिलेभर में 58 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था।
तत्कालीन अधिशासी अभियंता मनोज अग्रवाल ने जिले के अलग-अलग विद्युत उपकेंद्रों पर देखभाल के लिए उन्हें भेजा था। करीब आठ महीने तक काम कराने के बाद मंगलवार को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी समाप्त करने की बात कही गई।
नौकरी से निकालने से पूर्व आठ माह का बकाया मानदेय भी नहीं दिया गया। बिजली विभाग ठेकेदारों को फायदा दिलाने के लिए ट्रेंड कर्मचारियों को हटाना चाह रहा है।
कर्मचारियों ने क्षेत्रीय जेई के अलावा अधिशासी अभियंता को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि अविलंब ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में पवन कुमार, सुनील कुमार, पंकज गुलाम रसूल, कृष्णदेव, बृजेश कुमार, प्रदीप सिंह, जितेंद्र कुमार आदि रहे। वहीं दूसरी ओर अधिशासी अभियंता बिजली अवधेश पासवान ने बताया कि तत्कालीन एमडी डा. काजल के निर्देश पर पूर्व सैनिक कल्याण निगम के जरिए भूतपूर्व सैनिकों को रखने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन संस्था ने मनमानी ढंग से युवकों को रख लिया। संस्था के माध्यम से युवकों का मानदेय भी दिया गया।
उनके मानदेय को लेकर विभाग का कुछ लेना-देना नहीं है। संस्था की मनमानी की शिकायत शासन स्तर तक की गई। शासन के निर्देश पर दोबारा टेंडर कराकर नए युवकों को रखा जा रहा है।