गजिया स्थित कपड़े की दुकान में खरीदारी करते लोग। स्रोत-संवाद
भदोही। ईद-उल-फितर के त्योहार में अब कुछ ही दिन बचा है। ऐसे में शहर के बाजारों में रौनक परवान चढ़ने लगी है। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार युवाओं की पहली पसंद लखनवी कुर्ता और चूड़ीदार व अलीगढ़ी पायजामा बना है। 50 साल से अधिक उम्र के लोग रेडिमेड की जगह कपड़ों को सिलवाकर पहनना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ईद पर ज्यादातर लोग कुर्ता-पायजामा, पठानी सूट ही पहनते हैं। शहर में कुर्ता-पायजामों की दुकानें सज गई हैं। शोरूम से लेकर फुटपाथों तक कुर्ता-पायजामों की बिक्री जोरों पर हो रही है। भदोही नगर के गजिया मोहल्ले में कपड़े के दुकानदार प्रमोद गुप्ता ने बताया कि बाजार में रंगीन कुर्ते भी मौजूद हैं, लेकिन अधिकतर लोग चिकन का सफेद कुर्ता और सफेद चूड़ीदार पायजामा ही खरीद रहे हैं। अभी सितारावाला, लखनवी चिकन कुर्ते की ज्यादा मांग है। बुजुर्ग परंपरागत तरीके से कॉटन के कुर्ते को पसंद करते हैं, लेकिन वह भी सिलाई कराकर पसंद कर रहे हैं। नगर के मशाल रोड स्थित टेलर मोहम्मद खालिद ने बताया कि बाजार में कपड़ों की मांग का असर सीधे टेलरों की दुकानों पर दिख रहा है। दुकानदार काम के दबाव को देखते हुए अब नए ऑर्डर लेना बंद कर दिए हैं। त्योहार नजदीक है। ऐसे में समय पर डिलीवरी देना सबसे बड़ी चुनौती है।
कढ़ाईदार टोपी बच्चों की पहली पसंद
बाजार में कढ़ाईदार टोपियों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। कश्मीरी कसीदाकारी से लेकर लखनवी चिकनकारी और आधुनिक फ्यूजन डिजाइन वाली टोपियों से बाजार गुलजार हैं। इस साल मशीन से बनी टोपियों के बजाय हाथ से की गई बारीक कढ़ाई वाली टोपियों की मांग में 40 से 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। युवा वर्ग को लखनवी जरदोजी और बारीक चिकनकारी वाली टोपियां अधिक पसंद आ रही हैं। बाजार में साधारण टोपी 20 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक बिक रही है।