जिले के सात नगर निकायों और 546 ग्राम पंचायतों में अब तक 800 से अधिक महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें अकेले डॉ. भीमराव आंबेडकर की 700 प्रतिमाएं शामिल हैं। प्रत्येक स्मारक के संवर्धन में बाउंड्रीवाल, छत्र निर्माण, सौंदर्यीकरण, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग ने प्रस्ताव के लिए विधायक से पत्र मांगा है। विभाग का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल प्रतिमाओं की सुरक्षा नहीं है, बल्कि इनके आसपास के क्षेत्र को विकसित कर रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है।
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संवारी जाएंगी सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएं
डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत मुख्य रूप से बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के साथ ही, सामाजिक न्याय से जुड़े अन्य महापुरुषों जैसे संत रविदास, कबीर दास, ज्योतिबा फुले और महर्षि वाल्मीकि की मूर्तियों को भी संवारा जाएगा।
आंबेडकर और रविदास की प्रतिमाएं अधिक
जिले सबसे अधिक आंबेडकर और संत रविदास की प्रतिमाएं हैं। दलित बाहुल्य लगभग सभी बस्तियों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं हैं। वहीं औराई विधानसभा में संत रविदास की प्रतिमा है। सीतामढ़ी में महर्षि वाल्मिकी की प्रतिमा है। हालांकि विधायकों के प्रस्ताव पर ही चिन्हित प्रतिमाओं का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
वर्जन
जिले की तीनों विधानसभा में 10-10 स्मारक का विकास होगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगा जा रहा है। जिन-जिन प्रतिमाओं का प्रस्ताव मिलेगा। उनका विकास कराया जाएगा।
- शत्रुघ्न कन्नौजिया, प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी