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यास का असर: 30 तक बारिश का अनुमान

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ज्ञानपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात यास का कालीन नगरी में असर दिखना शुरू हो गया। इस क्रम में बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे से रूक-रूककर हो रही बारिश से नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों के निचले हिस्सों में जलजमाव हो गया जबकि सड़कें कीचड़ से सन गईं। 30 मई तक बारिश का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में सब्जी सहित उर्द, मूंग आदि की खेती को जहां नुकसान होगा वहीं धान की नर्सरी के लिए बारिश फायदेमंद होगी।
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अरब सागर से उठे तूफान ताउते के कारण 18 से 20 मई तक जिले में तेज आंधी के साथ ही जमकर बारिश हुई। तीन दिनों में मई के औसत बारिश 7.1 मिमी से 20 गुना अधिक 140 मिमी बारिश हो गई। इस दौरान सैकड़ों पेड़ संग टीनशेड उखड़ गए। अभी ताउते के असर से आम जन उबरे नहीं थे कि यास चक्रवात ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। बुधवार को दोपहर बाद से ही आसमान में बादल छाने लगे थे, लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे से जिले में रूक-रूक्कर बारिश शुरू हो गई जो पूरे दिन चली। इससे ज्ञानपुर, गोपीगंज, सुरियावां, भदोही, चौरी, जंगीगंज सहित अन्य बाजारों में सड़कें कीचड़युक्त हो गई। निचले इलाकों में कई स्थानों पर जलजमाव हो गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ गई। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि 30 मई तक बारिश का अनुमान है। ऐसे में रूक-रूककर हो रही बारिश जर्जर मकानों के लिए घातक है। ऐसे में कच्चे मकानों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि बारिश धान की नर्सरी के लिए फायदेमंद है। अगर तेज बारिश हुई तो सब्जी समेत अन्य फसलें जल भराव के कारण खराब हो सकती हैं।
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