इस दौरान सभी स्थानों पर अव्यवस्था मिलने पर अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। हिदायत दी कि कार्यों में सुधार न होने पर सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर सभापति आशा किशोर के साथ मंडल सेक्रेटरी सुरेंद्र प्रताप, समीक्षा अधिकारी यदुवीर सिंह, सोनभद्र की दुद्धी विधायक रूबी प्रसाद और प्रतापपुर विधायक विजमा यादव प्राथमिक विद्यालय सहसेपुर पहुंचीं।
टीम के सदस्यों ने पठन-पाठन की जानकारी लेते समय बच्चों से सवाल पूछे, लेकिन बच्चे नहीं बता सके। शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई का निरीक्षण करते समय 16 और 17 दिसंबर को प्रसव कराने वाली महिलाओं की सूची मांगी, लेकिन विभाग उसे उपलब्ध नहीं करा सका।
अस्पताल में मरीजों के बारे में पूछा तो चिकित्सा प्रभारी डॉ. अनिल श्रृंगार जानकारी नहीं दे सके। सीएमओ से कहा कि ऐसे डॉक्टरों को रखने से क्या फायदा। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय उपरौठ और सायर का निरीक्षण किया।
दोनों स्कूलों में पठन पाठन का स्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर टीम ने शिक्षकों समेत विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई। सीएमओ डॉ. डीके सोनकर, डीपीओ रविश्वर राव, प्रभारी बीएसए अनिल सिंह, सीडीपीओ यामिन रंजन पटेल, शाहनाज परवीन, रीता अवस्थी, श्वेता केसरवानी, प्रेमलता सिन्हा, जिला समन्वयक आरके सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद पांडेय, केडी पांडेय, रजनीश श्रीवास्तव, एसओ सत्येंद्र यादव आदि मौजूद रहे।