क्योंकि इग्नू दूरदराज के गांवों में रह रहे युवाओं को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है।
यह बातें इग्नू के क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी के
निदेशक डॉ. एएन त्रिपाठी ने कही। वे बृहस्पतिवार को केएनपीजी कालेज के इग्नू अध्ययन केंद्र में बीएड द्वितीय वर्ष के छात्रों की 12 दिवसीय कार्यशाला समापन पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने बताया कि इग्नू की स्थापना का उद्देश्य उच्च शिक्षा का लोकतंत्रीकरण, कार्यरत लोगों को उच्च शिक्षा के माध्यम से संबंधित कौशल का विकास करने के साथ ही आयु, लिंग, धर्म और क्षेत्र पर विचार किए बिना शिक्षा पाने के इच्छुकों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है।
बताया कि इग्नू का क्षेत्राधिकार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर है। डॉ. त्रिपाठी ने महिलाओं को शिक्षित होने को विकसित राष्ट्र का संकेत बताया। उन्होंने इग्नू के कई पाठ्यक्रमों के नाम भी गिनाए।
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रीना कुमारी, डॉ. संजय कुमार ने बताया कि इग्नू में पंजीकृत विद्यार्थी छह माह का प्रमाण पत्र कोर्स भी करके कौशल निखार सकते हैं।
समन्वयक डॉ. श्रीनिवास पांडेय ने इग्नू केंद्र पर संचालित 16 पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। बताया कि जुलाई सत्र में प्रवेश लेने के लिए अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित है।
इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता, डॉ. संतोष आर्या, जय सिंह यादव, डॉ. लोकपति समेत अन्य लोग मौजूद रहे।