ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए गलत सूचना देने में 70 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रामक सूचना देने पर उनके केंद्र निर्धारण के सामने संकट खड़ा हो गया है। केंद्र निर्धारण की नई नीति के तहत उन्हें एक साल तक के लिए डिबार किया जा सकता है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से फरवरी में बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित है। इसके लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। 186 माध्यमिक विद्यालयों एवं इटर कॉलेजों में 38 राजकीय और 25 वित्तपोषित संस्थान हैं, जबकि 126 वित्तविहीन हैं। केंद्र निर्धारण के लिए इन स्कूलों से ऑनलाइन आधारभूत सूचनाएं बोर्ड की वेबसाइट पर डालने के लिए कहा गया था, जिसमें स्कूलों से छात्र संख्या, भवन, विज्ञान कक्ष, स्कूलों की दूरी, बाउंड्रीवाल, शौचालय, सीसीटीवी, वायस रिकॉर्डर आदि शामिल रहे।
ऑनलाइन सूचना देते समय कई प्रधानाचार्यों की ओर से गड़बड़ी कर दी गई। केंद्रों की दूरी से लेकर अन्य जानकारी साझा करने में मनमानी की गई। वेबसाइट में गलत जानकारी अंकित करना कंप्यूटर ने पकड़ लिया। कुछ साल पहले संबंधित क्षेत्र की दूरी दूसरी और अब दूसरी। इसी तरह अन्य भवनों के बारे में भी गलत जानकारी दी गई है। इसमें करीब 70 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेज फंस रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने कहा कि नए केंद्र निर्धारण के तहत ऐसे स्कूल केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।