डाला छठ से पूर्व साफ-सफाई न होने से कीचड़युक्त रामपुर गंगा घाट।
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ज्ञानपुर। सूर्योपासना के महापर्व डाला छठ पर कचरे के दलदल, निर्माल्य और गाद के अंबार बीच भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया जाएगा। चार दिवसीय अनुष्ठान आरंभ होने के ऐन पहले तक गंगा घाटों और सरोवरों पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। छठ पूजा को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई तैयारी नहीं की गई है। लापरवाही के चलते श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं को जोखिम उठाकर अर्घ्य देना पड़ेगा।
लोक आस्था के महापर्व सूर्य षष्ठी का चार दिवसीय अनुष्ठान बृहस्पतिवार से नहाय खाय के साथ आरंभ होगा। पहले दिन व्रती महिलाएं सात्विक आहार लेने के बाद छठ पूजा शुरू करती हैं। पूजा वाले घरों में व्रती महिलाओं के भोजन ग्रहण करने के बाद ही परिवार के अन्य सदस्य भोजन करते हैं। मुख्य रूप से स्वच्छता पर केंद्रित इस महापर्व का शुभारंभ यहीं से हो जाता है। इसके बाद अगले दिन खरना होता है। खरना के दिन से ही छठ का उपवास शुरू हो जाता है। इस दिन शाम को गुड़ की खीर बनाई जाती है, जो प्रसाद के रूप में वितरित की जाती है। साथ ही चावल, दूध और घी-आटे से बने ठेकुआ का प्रसाद तैयार किया जाता है। अगले दिन अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाता है। इस बार यह अर्घ्य दो नवंबर को दिया जाएगा। तीन नवंबर को सप्तमी पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पष्ठी तिथि को मनाए जाने वाले छठ पर्व को लेकर जिले में रौनक बिखर गई है। बाजार छठ पूजा के सामानों की खरीदारी से गुलजार हैं, लेकिन अर्घ्य दिए जाने वाले गंगा घाटों और सरोवरों पर गंदगी का अंबार व्रती महिलाओं और पूजा वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। रामपुर गंगा घाट पर छठ पर अर्घ्य देने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं, लेकिन यहां पूजा के मद्देनजर कोई तैयारी नहीं की गई है। हर तरह गंदगी और कचरे का दलदल बजबजा रहा है। लोगों को कीचड़ में खड़े होकर अर्घ्य देना पड़ेगा। घाट पर गंगा में प्रवाहित किया गया निर्माल्य जहां-तहां बिखरा देखा गया। यह देखकर श्रद्धालु विचलित हो गए। लोगों ने जिला प्रशासन से डाला छठ के मद्देनजर गंगा घाटों पर साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग की।
ज्ञानपुर। बिहार समेत पूर्वी भारत में प्रमुखता से मनाए जाने वाले लोक आस्था के महापर्व डाला छठ में आस्था तेजी से बढ़ी है। भदोही जिले में हर वर्ष छठ पूजा करने वालों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है। घाटों और सरोवरों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होने लगी है। रामपुर घाट के अलावा सीतामढ़ी, बिहरोजपुर, बेरासपुर, गुलौरी समेत गंगा किनारे के तमाम गांवों के लोग गंगा किनारे छठ पूजन करते हैं। इसके अलावा ज्ञानपुर नगर के ज्ञानसरोवर, नहरों और अन्य जलाशयों के किनारे पूजा करने वालों की भीड़ उमड़ती है। बड़ी संख्या में कृत्रिम जलाशय भी छठ के निमित्त अर्घ्य देने के लिए बनाए जाते हैं।