ज्ञानपुर। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिले में सातवीं आर्थिक गणना पेपरलेस होगी। मोबाइप एप के माध्यम से गणना की जाएगी। वह बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आर्थिक गणना टीम को हरी झंडी दिखाते समय बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गणना से जिले में गरीब और संपन्न लोगों की सूची बन जाएगी।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेस इडिया लिमिटेड की ओर से होने वाली गणना को लेकर डीएम ने पर्यवेक्षक और प्रगणक को सख्त हिदायत दिया कि जो भी आंकड़े लिए जाएंगे वह सही और सटीक होने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक ढांचे के मूल्यांकन के लिए हर छह साल पर आर्थिक गणना होती है। वेब के माध्यम से होने वाली गणना के लिए प्रत्येक सेंटर पर पांच-पांच प्रगणक लगे है। इससे यह स्पष्ट होगा कि जिले में कितने उद्योग लगे हैं, कितने लोगों के पास रोजगार है और कितने बेरोजगार है। उसी के आधार पर सरकार आर्थिक नीति तैयार करेगी। पहली बार यह गणना पूरी तरीके से आनलाइन होगी। इसमें कागज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ विवेक त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार, आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, सुनील कुमार, कुलदीप पांडेय, विनय शर्मा आदि मौजूद रहे।