लालानगर। गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर पर स्थित कठौता तिराहे पर अंडरपास निर्माण और निर्माणाधीन फ्लाई ओवरब्रिज की लंबाई बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एनएचएआई के खिलाफ आवाज बुलंद की।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राजमार्ग मंत्रालय को ज्ञापन भेजकर कहा कि प्राधिकरण राजमार्ग को जोड़ने वाले कठौता तिराहे को बंद करने की साजिश रच रहा है जबकि उक्त तिराहा उत्तरी-दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्र के लोगों को जोड़ने का मुख्य जंक्शन माना गया है। यहां से लोग वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, जौनपुर, फैजाबाद, अयोध्या आदि स्थानों के लिए दिन-रात आवागमन कर राजमार्ग पहुंचते हैं। गोपीगंज नगर के मध्य से सिक्सलेन अंतर्गत फ्लाई ओवरब्रिज का निर्माण तो हो रहा है, लेकिन पश्चिमी छोर पर ब्रिज की सीमा उसी कठौता तिराहे पर आकर समाप्त हो रही है, जिससे ति राहा बंद होने की कगार पहुंच चुका है। यह भी आरोप रहा कि प्राधिकरण ने ब्रिज का नक्शा बनाने में लापरवाही की। यदि नक्शा बनाते समय ही ब्रिज की लंबाई दो से तीन सौ मीटर पश्चिम और बढ़ा दी गई होती तो समस्या न आती। तिराहा बंद हो जाने पर न कोई दक्षिणी लेन पहुंच पाएगा और न कोई वाहन आर-पार हो सकेंगे। समाधान के लिए अंडरपास का निर्माण और लंबाई बढ़ाना ही पड़ेगा। ऐसा नहीं हो सका तो संघर्ष भी नहीं रुकेगा। प्रदर्शन करने वालों में विभूति नारायण सिंह, बबलू मिश्र, कमलेश सिंह, रजनीश मिश्र, आसू सिंह, नंद सिंह, मोहित सिंह, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, राजेश, कैलाश सिंह, शिव अग्रहरि आदि लोग शामिल रहे।
प्राधिकरण ने जताई अनभिज्ञता
लालानगर। एक सप्ताह से कठौता तिराहे को बचाने के लिए ग्रामीणों की एकजुटता भले ही सड़क पर दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन प्राधिकरण ने मामले से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई। प्राधिकरण के टेक्निकल मैनेजर रामचंद्र ने कहा कि सिक्सलेन के तहत बनने वाला फ्लाई ओवरब्रिज निर्धारित नक्शे पर बन रहा है, उसके तहत न कोई तिराहा बंद हो रहा है न चौराहा। समस्या है तो परियोजना निदेशक के पास लोगों जाना चाहिए तभी बात समझ में आ सकेगी।