घोसिया नगर में मुहर्रम पर निकला जुलूस।संवाद
भदोही। मुहर्रम की आठवीं तारीख (बुधवार) को भदोही नगर के मोहल्ला जमुंद से परंपरागत दुलदुल का जूलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। दोपहर लगभग दो बजे पूर्व चेयरमैन असगर खां के आवास से घोड़े को दुलदुल के रूप में सजाकर रवाना किया गया। विभिन्न रास्तों से होते हुए रात लगभग 10 बजे चकसैफ स्थित कर्बला लेजाकर समाप्त हुआ। जुलूस के रास्ते में महिलाओं और बच्चों ने जगह जगह दुलदुल को रोक कर दूध-जलेबी खिलाया। जुलूस के रास्ते में पुलिस तैनात रही।
जुलूस मोहल्ला जमुंद से चलकर मलिकाना, गौरियाना, पचभैया, सोनराना गली, कोटबाड़ा, कसाब टोला, बाजार सलाबत खां होते हुए तकिया कल्लन शाह पहुंचा। यहां से मेन रोड होते हुए जुलूस आगे बढ़ा और कर्बला पहुंचा। जुलूस में ढोल ताशों के साथ युवाओं ने मातमी धुन से माहौल को गमगीन बना दिया। कर्बला पहुंच कर दुलदुल पर चढ़ाए गए फूल-मालाओं को दफन कर दिया गया। देर रात तक जुलूस के समापन होते ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। जुलूस में अख्तर खां, सभासद गुलाम हुसैन संजरी, अकील खान, अकबर अंसारी, फैय्याज खान, बदरेआलम, कमाल खां, फैसल खान, आमिर इमरान, इरफान आदि शामिल रहे।
मुहर्रम की 7वीं तारीख पर निकाला गया जुलूस
घोसिया। मुहर्रम की 7वीं तारीख पर क्षेत्र माधोसिंह बाजार और फटका इलाके में अकीदत और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां पश्चिम मोहल्ला से पारंपरिक मुहर्रम का जुलूस पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। जुलूस में शामिल अक़ीदतमंदों और जायरीनों के लिए स्थानीय युवाओं ने जगह-जगह स्टाल लगाकर ठंडे शरबत का वितरण किया। सेवा कार्य में जुटे युवा रेहान, अर्शलान, अयान और सफी ने बताया कि इमाम हुसैन की याद में प्यासों की सेवा करना ही इंसानियत का संदेश है।