मोढ़। वाराणसी जंघई रेलवे रूट पर मोढ़ के डूडवा में रेलवे फाटक न होने से करीब 12 गांव के लोगों को हर दिन 12 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी किसानों को होती है, क्योंकि किसानों का खेत ट्रैक के दोनों तरफ है। उन्हें काफी घूमकर जाना होता है। फाटक बनवाने को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने आवाज बुलंद की।
मोढ़ से भदोही की दूरी आठ किमी है। मोढ़ से भदोही की ओर जाने पर भदोही से दो किमी पहले पिपरिस है। जहां रेलवे फाटक है। पिपरिस से मोढ़ की दूरी लगभग 6 किमी है। इसके बीच में एक भी रेलवे फाटक नहीं है। मोढ़ और पिपरीस के बीच डुडवा गांव है। जहां पर यदि रेलवे फाटक बनाया जाए, तो ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधाएं मिलेगी। लोगों का अतिरिक्त खर्च के साथ समय भी भी बचेगा। ट्रैक से कुछ ही दूरी पर पिच रोड़ है, लेकिन फाटक न होने के कारण क्षेत्र वासियों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। फाटक न होने के कारण सबसे बड़ी समस्या किसानों को होती है। ट्रैक्टर को खेत में पहुंचाने के लिए भी 12 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है।
इनसेट :
ट्रैक के उत्तरी, दक्षिणी छोर पर ये है गांव :
मोढ़। रेलवे ट्रैक के उत्तरी छोर लागनबारी, बरमोहनी, दारापट्टी, नेवादा है। तो दक्षिणी छोर पर डुडवा, नगुवा, देवनाथपुर, अजयपुर, भूसौला, ज्ञानपुर आदि गांव है। दर्जनों गांव में पहुंचने के लिए लोगों को 12 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। फाटक बनने के बाद आवागमन सुगम होगा। क्षेत्र के दिनेश पाठक, हीरामणि यादव, बाबा यादव, रमाकांत यादव, नंद लाल बिंद, सुशील यादव, कमलेश पाल, जय प्रकाश प्रजापति ने डूडवा में रेलवे फाटक बनवाने के लिए सांसद से मौखिक मांग की है।