इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही राज्यपाल को संबोधित 31 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
सुबह लगभग 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा को लेकर सरकार की उदासीनता से युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है।
संगठन के जिला संयोजक विश्वजीत मिश्रा समेत संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार लगातार शिक्षा को गर्त में ले जाने का कार्य कर रही है।
सरकार सपुस्तक परीक्षा प्रणाली लागू करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा परीक्षाओं में मनमाने ढंग से नकल हो रही है। इसके चलते शिक्षा का हाल दिन-ब-दिन बदतर होता जा रहा है।
ऐसे में बेहतर प्रतिभाओं को तराशना और उन्हें पहचान दिलाना मुश्किल होता जा रहा है। चौपट शिक्षा व्यवस्था से शैक्षिक प्रमाण पत्र हासिल कर लोग मेधावियों का उपहास करेंगे।
इस पर अंकुश लगना चाहिए। कहा कि एमडीएम के चलते स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पा रही है। इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए। एबीवीपी प्रदेश सरकार की भ्रष्ट शिक्षा नीति का हर स्तर पर विरोध करेगा।
युवाओं के भविष्य को चौपट होने से बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। हर हाल में विद्यार्थियों की दशा और दिशा में सुधार के लिए संगठन हमेशा से संघर्ष करता रहा है और करता रहेगा।
संगठन के धरना प्रदर्शन में राहुल चौबे, अरविंद्र दुबे, सौरभ पांडेय, अभिषेक तिवारी, विकास यादव, अनू सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।